मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि कोरोना की समस्या के कारण लॉक डाउन की व्यवस्था के चलते जन-जीवन प्रभावित न हो, इसलिये ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है। ये सेवाएं बड़ी राहत का सशक्त माध्यम बन गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 52 लाख विद्यार्थियों के खातों में विभिन्न छात्रवृति योजनाओं की 430 करोड रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। मध्यान्ह भोजन योजना में 66 लाख 27 हजार विद्यार्थियों के बैंक खातों में 117 करोड़ रुपये खाद्य सुरक्षा भत्ता भी ट्रांसफर कर दिया गया है। मध्यान्ह भोजन योजना के रसोइयों के लिए भी दो-दो हजार रुपए की राशि दे दी गई है। प्रोफेशनल टैक्स, संपत्ति कर, केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) आदि की राशि जमा करने की तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। मध्यप्रदेश भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल के 8 लाख 85 हजार 89 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते में 88 करोड़ से अधिक की सहायता राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।
ऑनलाइन सेवाएं बनी राहत का माध्यम